Sunday, November 10, 2019


मैने नफ़रत करना किसी से सीखा ही नहीं.
मैं उम्मति हूँ रसुल अल्लाह का जिन्होंने दुश्मन को भी दुआएँ दी हैं।
Previous Post
Next Post

post written by:

Founder, Designer & Developer of Ummat-e-Nabi.com | Worlds first Largest Islamic blog in Roman Urdu.