मैने नफ़रत करना किसी से सीखा ही नहीं ...


मैने नफ़रत करना किसी से सीखा ही नहीं.
मैं उम्मति हूँ रसुल अल्लाह का जिन्होंने दुश्मन को भी दुआएँ दी हैं।
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